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ramayan 5.58.121-122: यह सुनकर राक्षसराज रावण ने अपने अत्यंत बलवान मन्त्रीपुत्रों को पैदल सेना सहित भेजा; किन्तु मैंने तो उन सबको प्रारम्भ में ही यमलोक भेज दिया था।   |   ramayan सर्ग 5.58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.58.121-122 
तच्छ्रुत्वा राक्षसेन्द्रस्तु मन्त्रिपुत्रान् महाबलान्॥ १२१॥
पदातिबलसम्पन्नान् प्रेषयामास रावण:।
परिघेणैव तान् सर्वान् नयामि यमसादनम्॥ १२२॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर राक्षसराज रावण ने अपने अत्यंत बलवान मन्त्रीपुत्रों को पैदल सेना सहित भेजा; किन्तु मैंने तो उन सबको प्रारम्भ में ही यमलोक भेज दिया था।
 
On hearing this, the demon king Ravana sent his minister's sons, who were very strong, along with the infantry; but I sent them all to Yamaloka from the very beginning.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)