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श्लोक 5.56.9  |
त्रयाणामेव भूतानां सागरस्यापि लङ्घने।
शक्ति: स्याद् वैनतेयस्य तव वा मारुतस्य वा॥ ९॥ |
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| अनुवाद |
| ‘इस समुद्र को पार करने की शक्ति केवल तीन प्राणियों में है – आप, गरुड़ या वायुदेवता ।’॥9॥ |
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| ‘Only three creatures have the power to cross this ocean – you, Garuda or Vayudevta. 9॥ |
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