Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.56.30: हर जगह झरनों की गहरी आवाज़ से ऐसा लग रहा था मानो वे चिल्ला रहे हों या शोर मचा रहे हों। लहराते सरकंडों के घने जंगल ऐसे लग रहे थे मानो काँप रहे हों। 30। | ramayan सर्ग 5.56: हनुमान जी का पुनः सीताजी से मिलकर लौटना और समुद्र को लाँघना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हर जगह झरनों की गहरी आवाज़ से ऐसा लग रहा था मानो वे चिल्ला रहे हों या शोर मचा रहे हों। लहराते सरकंडों के घने जंगल ऐसे लग रहे थे मानो काँप रहे हों। 30।
Everywhere, the deep sound of the waterfalls made it seem as if it was shouting or making a noise. The dark forests of swaying reeds made it seem as if they were trembling. 30.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥