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न कश्चित् त्रिषु लोकेषु संयुगे न गतश्रम:।
भुजवीर्याभिगुप्तश्च तपसा चाभिरक्षित:।
देशकालप्रधानश्च त्वमेव मतिसत्तम:॥ ४॥
अनुवाद
तीनों लोकों में आपके अतिरिक्त ऐसा कोई नहीं है जो युद्ध करते हुए थकता न हो। आप न केवल अपने बाहुबल से, बल्कि तप के बल से भी सुरक्षित हैं। आप काल और स्थान का ज्ञान रखने वालों में अग्रणी हैं और बुद्धि की दृष्टि से भी श्रेष्ठ हैं।
‘There is no one in the three worlds except you who does not get tired of fighting. You are protected not only by your physical strength but also by the power of penance. You are the foremost among those who have the knowledge of time and space and are also the best in terms of intelligence.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥