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ramayan 5.47.13: श्रेष्ठ हनुमान्‌ और अक्षकुमार का वह युद्ध देखकर पृथ्वी के समस्त प्राणी हाहाकार करने लगे। सूर्य का ताप कम हो गया। वायु का वेग रुक गया। पर्वत हिलने लगे। आकाश में भयंकर कोलाहल हुआ और समुद्र में तूफान आ गया। 13॥   |   ramayan सर्ग 5.47: रावणपुत्र अक्ष कुमार का पराक्रम और वध   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 47: रावणपुत्र अक्ष कुमार का पराक्रम और वध  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.47.13 
ररास भूमिर्न तताप भानुमान्
ववौ न वायु: प्रचचाल चाचल:।
कपे: कुमारस्य च वीर्यसंयुगं
ननाद च द्यौरुदधिश्च चुक्षुभे॥ १३॥
 
 
अनुवाद
श्रेष्ठ हनुमान्‌ और अक्षकुमार का वह युद्ध देखकर पृथ्वी के समस्त प्राणी हाहाकार करने लगे। सूर्य का ताप कम हो गया। वायु का वेग रुक गया। पर्वत हिलने लगे। आकाश में भयंकर कोलाहल हुआ और समुद्र में तूफान आ गया। 13॥
 
Seeing that fight between the best Hanuman and Akshkumar, all the creatures on the earth screamed. The sun's temperature decreased. The speed of air stopped. The mountains started moving. There was a terrible noise in the sky and a storm came in the sea. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)