Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.47.1: यह सुनकर कि हनुमानजी ने मेरे पाँचों सेनापतियों को, उनके सेवकों और वाहनों सहित मार डाला है, राजा रावण ने अपने सामने बैठे हुए अपने पुत्र अक्षकुमार की ओर देखा, जो युद्ध के लिए आतुर और उत्सुक था॥1॥ | ramayan सर्ग 5.47: रावणपुत्र अक्ष कुमार का पराक्रम और वध । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सेनापतीन् पञ्च स तु प्रमापितान्
हनूमता सानुचरान् सवाहनान्।
निशम्य राजा समरोद्धतोन्मुखं
कुमारमक्षं प्रसमैक्षताक्षम्॥ १॥
अनुवाद
यह सुनकर कि हनुमानजी ने मेरे पाँचों सेनापतियों को, उनके सेवकों और वाहनों सहित मार डाला है, राजा रावण ने अपने सामने बैठे हुए अपने पुत्र अक्षकुमार की ओर देखा, जो युद्ध के लिए आतुर और उत्सुक था॥1॥
On hearing that five of his generals had been killed by Hanuman, along with their servants and vehicles, King Ravana looked at his son Akshkumar sitting in front of him, who was eager and eager for the war.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥