श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 46: रावण के पाँच सेनापतियों का वध  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  5.46.35 
पट्टिशेन शिताग्रेण प्रघस: प्रत्यपोथयत्।
भासकर्णश्च शूलेन राक्षस: कपिकुञ्जरम्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
प्रघास ने कपिकुंजर हनुमान जी पर तीक्ष्ण धार वाले खड्ग से और दैत्य भास्कर ने कपिकुंजर हनुमान जी पर काँटे से आक्रमण किया॥35॥
 
Praghas attacked Kapikunjar Hanuman ji with a sharp-edged blade and demon Bhaskarna attacked Kapikunjar Hanuman ji with a thorn. 35॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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