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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 45: मन्त्री के सात पुत्रों का वध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.45.9 
स शरान् वञ्चयामास तेषामाशुचर: कपि:।
रथवेगांश्च वीराणां विचरन् विमलेऽम्बरे॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उस समय निर्मल आकाश में तीव्र गति से चलते हुए महाबली हनुमान उन वीर राक्षसों के बाणों तथा रथ के वेग को नष्ट करके अपनी रक्षा करने लगे।
 
At that time, moving swiftly in the clear sky, the mighty Hanuman began to save himself by wasting the arrows and the momentum of the chariot of those brave demons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)