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ramayan 5.45.8: तत्पश्चात् राक्षसों द्वारा छोड़े गए बाणों की वर्षा से हनुमानजी उसी प्रकार ढक गए, जैसे जल की वर्षा से पर्वत श्रृंखला ढक जाती है॥8॥   |   ramayan सर्ग 5.45: मन्त्री के सात पुत्रों का वध   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 45: मन्त्री के सात पुत्रों का वध  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  5.45.8 
अवकीर्णस्ततस्ताभिर्हनूमान् शरवृष्टिभि:।
अभवत् संवृताकार: शैलराडिव वृष्टिभि:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् राक्षसों द्वारा छोड़े गए बाणों की वर्षा से हनुमानजी उसी प्रकार ढक गए, जैसे जल की वर्षा से पर्वत श्रृंखला ढक जाती है॥8॥
 
Thereafter Hanuman was covered by the shower of arrows shot by the demons, just as a mountain range is covered by a rain of water. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)