श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 45: मन्त्री के सात पुत्रों का वध  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.45.11 
स कृत्वा निनदं घोरं त्रासयंस्तां महाचमूम्।
चकार हनुमान् वेगं तेषु रक्ष:सु वीर्यवान्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
महाबली हनुमान्‌जी ने बड़े जोर से गर्जना करके राक्षसों की विशाल सेना को भयभीत कर दिया और बड़े बल से उन पर आक्रमण किया॥11॥
 
The mighty Hanuman roared loudly, frightening the huge army of demons and attacked them with great force. ॥ 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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