श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 44: हनुमान जी के द्वारा चैत्यप्रासाद का विध्वंस तथा उसके रक्षकों का वध  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.44.13 
भ्रामयन्तं कपिं दृष्ट्वा सालवृक्षं महाबलम्।
चिक्षेप सुबहून् बाणाञ्जम्बुमाली महाबल:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
उन महाबली वानर योद्धाओं को साल वृक्ष को उलटते देख महाबली जम्बूमाली ने उन पर अनेक बाण बरसाये।
 
Seeing those mighty monkey warriors turning the Sal tree, the mighty Jambumaali showered many arrows upon them.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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