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ramayan 5.43.20-21h: राक्षसो! सुग्रीव के अधीन रहने वाले मेरे जैसे हजारों विशाल, बलवान वानर सर्वत्र भेजे गए हैं। 20 1/2॥   |   ramayan सर्ग 5.43: हनुमान जी के द्वारा चैत्यप्रासाद का विध्वंस तथा उसके रक्षकों का वध   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 43: हनुमान जी के द्वारा चैत्यप्रासाद का विध्वंस तथा उसके रक्षकों का वध  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  5.43.20-21h 
मादृशानां सहस्राणि विसृष्टानि महात्मनाम्॥ २०॥
बलिनां वानरेन्द्राणां सुग्रीववशवर्तिनाम्।
 
 
अनुवाद
राक्षसो! सुग्रीव के अधीन रहने वाले मेरे जैसे हजारों विशाल, बलवान वानर सर्वत्र भेजे गए हैं। 20 1/2॥
 
Demons! Thousands of huge, strong monkeys like me, who are under the control of Sugriva, have been sent everywhere. 20 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)