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ramayan 5.43.13: उस भयानक गर्जना से प्रभावित होकर सैकड़ों महल रक्षक विभिन्न प्रकार के भालों, तलवारों और कुल्हाड़ियों से लैस होकर वहां पहुंचे।   |   ramayan सर्ग 5.43: हनुमान जी के द्वारा चैत्यप्रासाद का विध्वंस तथा उसके रक्षकों का वध   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 43: हनुमान जी के द्वारा चैत्यप्रासाद का विध्वंस तथा उसके रक्षकों का वध  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.43.13 
तेन नादेन महता चैत्यपाला: शतं ययु:।
गृहीत्वा विविधानस्त्रान् प्रासान् खड्गान् परश्वधान्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
उस भयानक गर्जना से प्रभावित होकर सैकड़ों महल रक्षक विभिन्न प्रकार के भालों, तलवारों और कुल्हाड़ियों से लैस होकर वहां पहुंचे।
 
Impressed by that terrible roar, hundreds of palace guards arrived armed with various kinds of spears, swords and axes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)