श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 42: राक्षसियों के मुख से एक वानर के द्वारा प्रमदावन के विध्वंस का समाचार सुनकर रावण का किंकर नामक राक्षसों को भेजना और हनुमान जी के द्वारा उन सबका संहार  »  श्लोक 6-7
 
 
श्लोक  5.42.6-7 
कोऽयं कस्य कुतो वायं किंनिमित्तमिहागत:।
कथं त्वया सहानेन संवाद: कृत इत्युत॥ ६॥
आचक्ष्व नो विशालाक्षि मा भूत्ते सुभगे भयम्।
संवादमसितापाङ्गि त्वया किं कृतवानयम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
विशाललोचने! यह कौन है? किसका है? और कहाँ से और क्यों यहाँ आया है? इसने तुमसे क्यों बातें कीं? हे काले नेत्रों वाली सुन्दरी! ये सब बातें हमें बताओ। तुम्हें डरना नहीं चाहिए। इसने तुमसे क्या बातें कीं?॥6-7॥
 
Vishallochane! Who is this? Whose is he? And from where and why has he come here? Why did he talk to you? O beautiful lady with the black eyes! Tell us all these things. You should not be afraid. What did he talk to you about?'॥ 6-7॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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