श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 42: राक्षसियों के मुख से एक वानर के द्वारा प्रमदावन के विध्वंस का समाचार सुनकर रावण का किंकर नामक राक्षसों को भेजना और हनुमान जी के द्वारा उन सबका संहार  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  5.42.29 
मुद‍्गरै: पट्टिशै: शूलै: प्रासतोमरपाणय:।
परिवार्य हनूमन्तं सहसा तस्थुरग्रत:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
हाथों में गदा, तलवार और भाले लेकर वे अचानक हनुमान को चारों ओर से घेरकर उनके सामने खड़े हो गए।
 
Armed with maces, swords and spears in their hands, they suddenly surrounded Hanuman from all sides and stood before him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)