श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 42: राक्षसियों के मुख से एक वानर के द्वारा प्रमदावन के विध्वंस का समाचार सुनकर रावण का किंकर नामक राक्षसों को भेजना और हनुमान जी के द्वारा उन सबका संहार  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  5.42.28 
ते गदाभिर्विचित्राभि: परिघै: काञ्चनाङ्गदै:।
आजग्मुर्वानरश्रेष्ठं शरैरादित्यसंनिभै:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने विचित्र गदाओं, सोने से मढ़े हुए मुकुटों तथा सूर्य के समान चमकते हुए बाणों से वानरों में श्रेष्ठ हनुमान पर आक्रमण किया।
 
They attacked Hanuman, the best of the monkeys, with strange maces, gold-plated helmets and arrows blazing like the sun.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)