श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 40: सीता का श्रीराम से कहने के लिये पुनः संदेश देना तथा हनुमान जी का उन्हें आश्वासन दे उत्तर-दिशा की ओर जाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.40.16 
हत्वा तु समरे रक्षो रावणं सहबान्धवै:।
राघवौ त्वां विशालाक्षि स्वां पुरीं प्रति नेष्यत:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
‘विशालोचने! समरांगण में बन्धुओं सहित राक्षस रावण का वध करके दोनों रघुवंशी भाई तुम्हें अपने धाम ले जायेंगे।’ 16॥
 
‘Vishallochne! After killing the demon Ravana along with his relatives in Samarangana, both Raghuvanshi brothers will take you to their abode. 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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