श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 4: हनुमान जी का लंकापुरी एवं रावण के अन्तःपुर में प्रवेश  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  5.4.21 
शक्तिवृक्षायुधांश्चैव पट्टिशाशनिधारिण:।
क्षेपणीपाशहस्तांश्च ददर्श स महाकपि:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
कुछ लोग शक्ति और वृक्षरूपी अस्त्र लिए हुए थे, कुछ के हाथ में पट्टिश, वज्र, गुलेल और पाश थे। महाबली हनुमान् ने उन सबको देखा। 21॥
 
Some were seen carrying Shakti and tree-like weapons and some had Pattish, Vajra, slingshot and noose. The great monkey Hanuman saw them all. 21॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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