श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 4: हनुमान जी का लंकापुरी एवं रावण के अन्तःपुर में प्रवेश  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  5.4.19 
नातिस्थूलान् नातिकृशान् नातिदीर्घातिह्रस्वकान्।
नातिगौरान् नातिकृष्णान्नातिकुब्जान्न वामनान्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
कुछ रात्रिचर प्राणी न तो बहुत मोटे थे, न बहुत दुर्बल, न बहुत लम्बे थे, न बहुत छोटे, न बहुत गोरे थे, न बहुत काले, न बहुत कुबड़े थे, न बहुत बौने थे॥19॥
 
Some of the nocturnal creatures were neither too fat nor too weak, neither too tall nor too short, neither too fair nor too dark, nor too hunchbacked nor particularly dwarf.॥19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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