Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.4.17: किसी के एक ही नेत्र थे, किसी के मुख अनेक रंगों वाले थे। किसी के पेट और वक्ष बहुत बड़े थे। कोई बहुत ही वीभत्स थे। किसी के मुख टेढ़े थे। कोई विशालकाय थे, कोई बौने थे॥17॥ | ramayan सर्ग 5.4: हनुमान जी का लंकापुरी एवं रावण के अन्तःपुर में प्रवेश । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
किसी के एक ही नेत्र थे, किसी के मुख अनेक रंगों वाले थे। किसी के पेट और वक्ष बहुत बड़े थे। कोई बहुत ही वीभत्स थे। किसी के मुख टेढ़े थे। कोई विशालकाय थे, कोई बौने थे॥17॥
Some had only one eye, some had multicoloured faces. Some had very large bellies and breasts. Some were very hideous. Some had crooked faces. Some were gigantic, some were dwarfs.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥