श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 39: समद्र-तरण के विषय में शङ्कित हुई सीता को वानरों का पराक्रम बताकर हनुमान जी का आश्वासन देना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  5.39.4 
त्वमस्मिन् कार्यनिर्योगे प्रमाणं हरिसत्तम।
तस्य चिन्तय यो यत्नो दु:खक्षयकरो भवेत्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हे वानर! आप ही इस बात के प्रमाण हैं कि मैं यह कार्य कर सकता हूँ - सारा भार आप पर है। कृपया इसका कोई ऐसा उपाय सोचिए जिससे मेरा कष्ट दूर हो जाए॥4॥
 
‘O monkey-head! You are the only proof that I can carry out this task – the entire burden is on you. Please think of a solution for this that will alleviate my suffering.॥ 4॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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