श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 39: समद्र-तरण के विषय में शङ्कित हुई सीता को वानरों का पराक्रम बताकर हनुमान जी का आश्वासन देना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  5.39.35 
तस्य विक्रमसम्पन्ना: सत्त्ववन्तो महाबला:।
मन:संकल्पसम्पाता निदेशे हरय: स्थिता:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
उसके साथ बहुत से वानर हैं जो वीर, धैर्यवान, बलवान हैं, मन के संकल्प के समान बहुत दूर तक छलांग लगाने में समर्थ हैं और जो उसकी आज्ञा का पालन करने में सदैव तत्पर रहते हैं॥35॥
 
‘He has with him many monkeys who are valiant, patient, powerful and can jump very far like a mental resolve, and who are always ready to obey his orders.॥ 35॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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