श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 39: समद्र-तरण के विषय में शङ्कित हुई सीता को वानरों का पराक्रम बताकर हनुमान जी का आश्वासन देना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  5.39.34 
स वानरसहस्राणां कोटीभिरभिसंवृत:।
क्षिप्रमेष्यति वैदेहि राक्षसानां निबर्हण:॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
विदेहनंदिनी! उनमें राक्षसों का संहार करने की शक्ति है। वे शीघ्र ही हजारों वानरों की सेना लेकर लंका पर आक्रमण करेंगे।
 
Videhanandini! He has the power to kill the demons. He will soon attack Lanka with an army of thousands of monkeys.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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