श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 39: समद्र-तरण के विषय में शङ्कित हुई सीता को वानरों का पराक्रम बताकर हनुमान जी का आश्वासन देना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  5.39.30 
बलैस्तु संकुलां कृत्वा लङ्कां परबलार्दन:।
मां नयेद् यदि काकुत्स्थस्तत् तस्य सदृशं भवेत्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
यदि शत्रु सेना का नाश करने वाले भगवान राम अपनी सेनाओं के साथ लंका को रौंदकर मुझे अपने साथ ले जाएँ, तो वह उनके योग्य होगा॥30॥
 
If Lord Rama, the destroyer of the enemy's army, tramples Lanka with his armies and takes me with him, then that will be worthy of him.॥ 30॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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