श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 39: समद्र-तरण के विषय में शङ्कित हुई सीता को वानरों का पराक्रम बताकर हनुमान जी का आश्वासन देना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.39.2 
मणिं दृष्ट्वा तु रामो वै त्रयाणां संस्मरिष्यति।
वीरो जनन्या मम च राज्ञो दशरथस्य च॥ २॥
 
 
अनुवाद
इस मणि को देखकर वीर श्री रामजी को अवश्य ही तीन व्यक्तियों की याद आएगी - मेरी माता, मैं और राजा दशरथ।॥ 2॥
 
On seeing this gem, the brave Sri Rama will certainly remember three persons - my mother, me and King Dasharatha simultaneously.॥ 2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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