Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.38.33: ‘रघुनाथजी शरणागतों पर बड़े दयालु हैं। जब कौआ शरण में आया और भूमि पर गिर पड़ा, तब उन्हें उस पर दया आ गई; अतएव यद्यपि वह मारने योग्य था, फिर भी उन्होंने उसे नहीं मारा, अपितु बचा लिया॥ 33॥ | ramayan सर्ग 5.38: सीताजी का हनुमान जी को पहचान के रूप में चित्रकट पर्वत पर घटित हए एक कौए के प्रसंग को सुनाना, श्रीराम को शीघ्र बुलाने के लिये अनुरोध करना और चूड़ामणि देना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘रघुनाथजी शरणागतों पर बड़े दयालु हैं। जब कौआ शरण में आया और भूमि पर गिर पड़ा, तब उन्हें उस पर दया आ गई; अतएव यद्यपि वह मारने योग्य था, फिर भी उन्होंने उसे नहीं मारा, अपितु बचा लिया॥ 33॥
‘Raghunathji is very kind to those who seek refuge. When the crow came seeking refuge and fell on the ground, he felt pity for it; hence, even though it was worthy of being killed, he did not kill it, but saved it.॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥