Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.38.2: 'देवी! आप जो कह रही हैं, वह सर्वथा सत्य और युक्तिसंगत है। हे शुभ! आप जो कह रही हैं, वह स्त्रियों के स्वभाव और पतिव्रता पत्नियों के शील के अनुकूल है।॥ 2॥ | ramayan सर्ग 5.38: सीताजी का हनुमान जी को पहचान के रूप में चित्रकट पर्वत पर घटित हए एक कौए के प्रसंग को सुनाना, श्रीराम को शीघ्र बुलाने के लिये अनुरोध करना और चूड़ामणि देना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'देवी! आप जो कह रही हैं, वह सर्वथा सत्य और युक्तिसंगत है। हे शुभ! आप जो कह रही हैं, वह स्त्रियों के स्वभाव और पतिव्रता पत्नियों के शील के अनुकूल है।॥ 2॥
‘Devi! What you are saying is absolutely correct and logical. O auspicious one! What you are saying is in accordance with the nature of women and the modesty of faithful wives.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥