Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.37.66: युद्धस्थल में इन्द्र के समान पराक्रमी और विचित्र धनुष धारण करने वाले महाबली श्री रघुनाथजी लक्ष्मण सहित वायु द्वारा प्रज्वलित अग्नि के समान प्रज्वलित हो रहे हैं। उस समय उन्हें देखकर कौन उनके वेग को सहन कर सकता है?॥ 66॥ | ramayan सर्ग 5.37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युद्धस्थल में इन्द्र के समान पराक्रमी और विचित्र धनुष धारण करने वाले महाबली श्री रघुनाथजी लक्ष्मण सहित वायु द्वारा प्रज्वलित अग्नि के समान प्रज्वलित हो रहे हैं। उस समय उन्हें देखकर कौन उनके वेग को सहन कर सकता है?॥ 66॥
In the battlefield, the mighty Sri Raghunathji, who is as powerful as Indra and who carries a strange bow, along with Lakshman, becomes aflame like a fire supported by the wind. Who can bear his speed after seeing him at that time?॥ 66॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥