Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.37.64: यदि श्री रघुनाथजी यहाँ के समस्त राक्षसों सहित दशमुख रावण को मार डालें और मुझे यहाँ से ले जाएँ, तो यह उनका योग्य कार्य होगा।   |   ramayan सर्ग 5.37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  5.37.64 
यदि रामो दशग्रीवमिह हत्वा सराक्षसम्।
मामितो गृह्य गच्छेत तत् तस्य सदृशं भवेत्॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
यदि श्री रघुनाथजी यहाँ के समस्त राक्षसों सहित दशमुख रावण को मार डालें और मुझे यहाँ से ले जाएँ, तो यह उनका योग्य कार्य होगा।
 
If Sri Raghunatha kills Dashamukh Ravana along with all the demons here and takes me away from here, that will be a deed worthy of Him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)