Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.37.61: जब वे दोनों भाई दुःख और संताप से पीड़ित होकर मुझे प्राप्त करने में निराश हो जायेंगे, तब वे समस्त रीछ-वानरों सहित अपने प्राण त्याग देंगे।   |   ramayan सर्ग 5.37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  5.37.61 
तौ निराशौ मदर्थं च शोकसंतापकर्शितौ।
सह सर्वर्क्षहरिभिस्त्यक्ष्यत: प्राणसंग्रहम्॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
जब वे दोनों भाई दुःख और संताप से पीड़ित होकर मुझे प्राप्त करने में निराश हो जायेंगे, तब वे समस्त रीछ-वानरों सहित अपने प्राण त्याग देंगे।
 
When those two brothers, afflicted with grief and anguish, despair of attaining me, they will give up their lives along with all the bears and monkeys.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)