Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.37.57: यद्यपि आप सम्पूर्ण राक्षसों को मारने में समर्थ हैं, तथापि आपके द्वारा समस्त राक्षसों को मार डालने पर श्री रघुनाथजी का यश धूमिल हो जाएगा (लोग कहेंगे कि स्वयं श्री रामजी भी कुछ नहीं कर सके)।॥ 57॥   |   ramayan सर्ग 5.37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  5.37.57 
कामं त्वमपि पर्याप्तो निहन्तुं सर्वराक्षसान्।
राघवस्य यशो हीयेत् त्वया शस्तैस्तु राक्षसै:॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
यद्यपि आप सम्पूर्ण राक्षसों को मारने में समर्थ हैं, तथापि आपके द्वारा समस्त राक्षसों को मार डालने पर श्री रघुनाथजी का यश धूमिल हो जाएगा (लोग कहेंगे कि स्वयं श्री रामजी भी कुछ नहीं कर सके)।॥ 57॥
 
Although you are capable of killing all the demons, yet after you kill all the demons, Sri Raghunath's fame will be affected (people will say that Sri Rama himself could not do anything).॥ 57॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)