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ramayan 5.37.43: वानरयुथपथे! कोई अन्य साधारण वानर विशाल सागर पार इस भूमि पर कैसे आ सकता है?   |   ramayan सर्ग 5.37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.37.43 
प्राकृतोऽन्य: कथं चेमां भूमिमागन्तुमर्हति।
उदधेरप्रमेयस्य पारं वानरयूथप॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
वानरयुथपथे! कोई अन्य साधारण वानर विशाल सागर पार इस भूमि पर कैसे आ सकता है?
 
Vanarayuthapathe! How can any other ordinary monkey come to this land across the vast ocean?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)