Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.37.40: अतः तुम मेरे साथ चलने का निश्चय करो। तुम्हारी आशंका व्यर्थ है। देवि! विदेहनन्दिनी! मेरे साथ चलो और लक्ष्मण सहित श्री रघुनाथजी का शोक दूर करो।॥40॥ | ramayan सर्ग 5.37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतः तुम मेरे साथ चलने का निश्चय करो। तुम्हारी आशंका व्यर्थ है। देवि! विदेहनन्दिनी! मेरे साथ चलो और लक्ष्मण सहित श्री रघुनाथजी का शोक दूर करो।॥40॥
‘Therefore, you must decide to come with me. Your apprehension is futile. Devi! Videhanandini! Come with me and remove the grief of Shri Raghunathji along with Lakshmana.'॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥