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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  5.37.39 
सपर्वतवनोद्देशां साट्टप्राकारतोरणाम्।
लङ्कामिमां सनाथां वा नयितुं शक्तिरस्ति मे॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
हे देवी! मुझमें रावण सहित इस लंकापुरी को, पर्वतों, वनों, मीनारों, चारदीवारी और नगर के द्वारों सहित, ले जाने की शक्ति है।
 
Goddess! I have the power to carry away this Lankapuri along with Ravana, including the mountains, forests, towers, boundary walls and city gates.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)