Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.37.37: क्षण भर में ही उनका शरीर मेरु पर्वत के समान ऊँचा हो गया। वे प्रज्वलित अग्नि के समान तेजस्वी दिखाई देने लगे। ऐसा विशाल रूप धारण करके वानरश्रेष्ठ हनुमान सीता के सामने खड़े हो गए। | ramayan सर्ग 5.37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मेरुमन्दरसंकाशो बभौ दीप्तानलप्रभ:।
अग्रतो व्यवतस्थे च सीताया वानरर्षभ:॥ ३७॥
अनुवाद
क्षण भर में ही उनका शरीर मेरु पर्वत के समान ऊँचा हो गया। वे प्रज्वलित अग्नि के समान तेजस्वी दिखाई देने लगे। ऐसा विशाल रूप धारण करके वानरश्रेष्ठ हनुमान सीता के सामने खड़े हो गए।
In no time his body became as tall as Mount Meru. He began to look as radiant as a blazing fire. Having assumed this huge form, Hanuman, the best of the monkeys, stood in front of Sita.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥