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हनूमन् दूरमध्वानं कथं मां नेतुमिच्छसि।
तदेव खलु ते मन्ये कपित्वं हरियूथप॥ ३१॥
अनुवाद
हे वानरों के सरदार हनुमान! आप मुझे इतनी लम्बी यात्रा पर कैसे ले जाना चाहते हैं? मैं आपके इस साहस को वानरों की चपलता मानता हूँ॥31॥
Hanuman, the leader of the monkeys! How do you intend to take me on such a long journey? I consider this daring act of yours to be the agility of the monkeys.॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥