Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.37.30: हनुमानजी के मुख से ये अद्भुत वचन सुनकर वानरश्रेष्ठ मिथिलेशकुमारी सीता का सम्पूर्ण शरीर हर्ष और विस्मय से भर गया। उन्होंने हनुमानजी से कहा-॥30॥ | ramayan सर्ग 5.37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हनुमानजी के मुख से ये अद्भुत वचन सुनकर वानरश्रेष्ठ मिथिलेशकुमारी सीता का सम्पूर्ण शरीर हर्ष और विस्मय से भर गया। उन्होंने हनुमानजी से कहा-॥30॥
Hearing these wonderful words from the mouth of Hanuman, the best of monkeys, Mithilesh Kumari Sita's entire body filled with joy and awe. He said to Hanuman ji-॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥