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ramayan 5.37.27: जैसे ही तुम कहोगे कि 'मैं भगवान राम से मिलना चाहता हूँ', वैसे ही तुम भगवान रघुनाथ से मिलोगे जैसे रोहिणी चन्द्रमा से मिलती है। तुम मेरी पीठ पर बैठकर आकाश मार्ग से समुद्र को पार कर जाओ॥ 27॥   |   ramayan सर्ग 5.37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  5.37.27 
कथयन्तीव शशिना संगमिष्यसि रोहिणी।
मत्पृष्ठमधिरोह त्वं तराकाशं महार्णवम्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
जैसे ही तुम कहोगे कि 'मैं भगवान राम से मिलना चाहता हूँ', वैसे ही तुम भगवान रघुनाथ से मिलोगे जैसे रोहिणी चन्द्रमा से मिलती है। तुम मेरी पीठ पर बैठकर आकाश मार्ग से समुद्र को पार कर जाओ॥ 27॥
 
As soon as you say, 'I want to meet Lord Rama', you will meet Lord Raghunath like Rohini meets the moon. You sit on my back and cross the ocean through the sky.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)