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ramayan 5.37.22: 'मैं तुम्हें अपनी पीठ पर बिठाकर समुद्र पार कर जाऊंगा। मुझमें रावण सहित पूरी लंका को ले जाने की शक्ति है।'   |   ramayan सर्ग 5.37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  5.37.22 
त्वां तु पृष्ठगतां कृत्वा संतरिष्यामि सागरम्।
शक्तिरस्ति हि मे वोढुं लङ्कामपि सरावणाम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
'मैं तुम्हें अपनी पीठ पर बिठाकर समुद्र पार कर जाऊंगा। मुझमें रावण सहित पूरी लंका को ले जाने की शक्ति है।'
 
‘I will take you on my back and cross the ocean. I have the strength to carry the whole of Lanka including Ravana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)