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श्लोक 5.37.22  |
त्वां तु पृष्ठगतां कृत्वा संतरिष्यामि सागरम्।
शक्तिरस्ति हि मे वोढुं लङ्कामपि सरावणाम्॥ २२॥ |
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| अनुवाद |
| 'मैं तुम्हें अपनी पीठ पर बिठाकर समुद्र पार कर जाऊंगा। मुझमें रावण सहित पूरी लंका को ले जाने की शक्ति है।' |
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| ‘I will take you on my back and cross the ocean. I have the strength to carry the whole of Lanka including Ravana. |
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