श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 36: हनुमान जी का सीता को मुद्रिका देना, सीता का ‘श्रीराम कब मेरा उद्धार करेंगे’ यह उत्सुक होकर पूछना तथा हनुमान् का श्रीराम के सीताविषयक प्रेम का वर्णन करके उन्हें सान्त्वना देना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.36.6 
तत: सा ह्रीमती बाला भर्तु: संदेशहर्षिता।
परितुष्टा प्रियं कृत्वा प्रशशंस महाकपिम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
अपने प्रियतम का संदेश पाकर लज्जाशील विदेह कन्या अत्यंत प्रसन्न हुई। उसका मन अत्यंत संतुष्ट हुआ। वह महावानर हनुमान जी का आदर-सत्कार करके उनकी स्तुति करने लगी।
 
The shy Videha girl was very happy to receive the message from her beloved. Her mind was very satisfied. She started praising the great ape Hanuman ji by respecting him.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas