Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.36.43: श्री राम आपके प्रेम से विह्वल होकर सदैव आपका ही ध्यान करते हैं और आपके वियोग के शोक में डूबे रहते हैं। वे आपके अतिरिक्त अन्य किसी वस्तु का चिन्तन नहीं करते॥ 43॥ | ramayan सर्ग 5.36: हनुमान जी का सीता को मुद्रिका देना, सीता का ‘श्रीराम कब मेरा उद्धार करेंगे’ यह उत्सुक होकर पूछना तथा हनुमान् का श्रीराम के सीताविषयक प्रेम का वर्णन करके उन्हें सान्त्वना देना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री राम आपके प्रेम से विह्वल होकर सदैव आपका ही ध्यान करते हैं और आपके वियोग के शोक में डूबे रहते हैं। वे आपके अतिरिक्त अन्य किसी वस्तु का चिन्तन नहीं करते॥ 43॥
Shri Ram, overcome by your love, always meditates on you and is always immersed in the grief of separation from you. He does not think of anything else except you.॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥