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ramayan 5.36.10: हे महावानर! यदि ज्ञानी भगवान राम ने तुम्हें भेजा है, तो तुम अवश्य ही मेरे साथ बातचीत करने के योग्य हो॥ 10॥   |   ramayan सर्ग 5.36: हनुमान जी का सीता को मुद्रिका देना, सीता का ‘श्रीराम कब मेरा उद्धार करेंगे’ यह उत्सुक होकर पूछना तथा हनुमान् का श्रीराम के सीताविषयक प्रेम का वर्णन करके उन्हें सान्त्वना देना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 36: हनुमान जी का सीता को मुद्रिका देना, सीता का ‘श्रीराम कब मेरा उद्धार करेंगे’ यह उत्सुक होकर पूछना तथा हनुमान् का श्रीराम के सीताविषयक प्रेम का वर्णन करके उन्हें सान्त्वना देना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  5.36.10 
अर्हसे च कपिश्रेष्ठ मया समभिभाषितुम्।
यद्यसि प्रेषितस्तेन रामेण विदितात्मना॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे महावानर! यदि ज्ञानी भगवान राम ने तुम्हें भेजा है, तो तुम अवश्य ही मेरे साथ बातचीत करने के योग्य हो॥ 10॥
 
O great monkey! If the enlightened Lord Rama has sent you, then you are certainly worthy of my talking to you.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)