Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.34.40: मैं अपने पराक्रम पर विश्वास रखते हुए आपके दर्शन करने आया हूँ। देवि! आप जो समझती हैं, मैं वह नहीं हूँ। कृपया इस नकारात्मक भय को त्यागकर मेरी बात पर विश्वास करें।॥40॥ | ramayan सर्ग 5.34: सीताजी का हनुमान् जी के प्रति संदेह और उसका समाधान तथा हनुमान् जी के द्वारा श्रीरामचन्द्रजी के गुणों का गान । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं अपने पराक्रम पर विश्वास रखते हुए आपके दर्शन करने आया हूँ। देवि! आप जो समझती हैं, मैं वह नहीं हूँ। कृपया इस नकारात्मक भय को त्यागकर मेरी बात पर विश्वास करें।॥40॥
‘I have come here to see you trusting in my prowess. Devi! I am not what you think I am. Please leave this negative fear and believe what I say.'॥ 40॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये सुन्दरकाण्डे चतुस्त्रिंश: सर्ग:॥ ३४॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके सुन्दरकाण्डमें चौंतीसवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ३४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥