Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.34.19: वानर! मेरे प्रिय श्री राम के गुणों का वर्णन करो। हे भद्र! जैसे जल का वेग नदी के किनारों को बहा ले जाता है, वैसे ही तुम श्री राम की चर्चा करके मेरे मन को हर लो।॥19॥ | ramayan सर्ग 5.34: सीताजी का हनुमान् जी के प्रति संदेह और उसका समाधान तथा हनुमान् जी के द्वारा श्रीरामचन्द्रजी के गुणों का गान । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वानर! मेरे प्रिय श्री राम के गुणों का वर्णन करो। हे भद्र! जैसे जल का वेग नदी के किनारों को बहा ले जाता है, वैसे ही तुम श्री राम की चर्चा करके मेरे मन को हर लो।॥19॥
Monkey! Describe the qualities of my beloved Shri Ram. O gentle one! Just as the force of water sweeps away the banks of the river, in the same way you steal away my mind by discussing Shri Ram.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥