श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 33: सीताजी का हनुमान जी को अपना परिचय देते हुए अपने वनगमन और अपहरण का वृत्तान्त बताना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.33.9 
को नु पुत्र: पिता भ्राता भर्ता वा ते सुमध्यमे।
अस्माल्लोकादमुं लोकं गतं त्वमनुशोचसि॥ ९॥
 
 
अनुवाद
सुमध्यमे! तुम्हारा कौन पुत्र, पिता, भाई या पति इस लोक को छोड़कर परलोक चला गया है, जिसके लिए तुम शोक कर रही हो?
 
Sumadhyame! Who is your son, father, brother or husband who has left this world and gone to the other world for whom you are mourning?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)