श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 30: सीताजी से वार्तालाप करने के विषय में हनुमान जी का विचार करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  5.30.22 
सीतया च कृते शब्दे सहसा राक्षसीगण:।
नानाप्रहरणो घोर: समेयादन्तकोपम:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
सीता की चीख सुनकर ये भयंकर राक्षसियाँ यमराज के समान नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्र लेकर अचानक आ पहुँचेंगी।
 
‘On hearing Sita's scream, these fearsome demonesses, like Yamaraja, will suddenly arrive with various kinds of weapons.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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