श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 30: सीताजी से वार्तालाप करने के विषय में हनुमान जी का विचार करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.30.13 
रामस्तु यदि पृच्छेन्मां किं मां सीताब्रवीद्वच:।
किमहं तं प्रतिब्रूयामसम्भाष्य सुमध्यमाम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
यदि श्री राम मुझसे पूछें कि सीता ने मेरे लिए क्या संदेश भेजा है, तो इस सुमध्यमा सीता से बात किए बिना मैं उन्हें क्या उत्तर दूँगा?॥13॥
 
If Sri Rama asks me what message Sita has sent me, what answer will I give him without speaking to this Sumadhyma Sita?॥ 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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