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ramayan 5.3.47: उन्होंने कहा, 'जब कोई वानर अपने पराक्रम से तुम्हें वश में कर ले, तब तुम्हें समझना चाहिए कि राक्षसों पर बड़ा भय छा गया है।'   |   ramayan सर्ग 5.3: लंकापुरी का अवलोकन करके हनुमान् जी का विस्मित होना, निशाचरी लंका का उन्हें रोकना और उनकी मार से विह्वल होकर प्रवेश की अनुमति देना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 3: लंकापुरी का अवलोकन करके हनुमान् जी का विस्मित होना, निशाचरी लंका का उन्हें रोकना और उनकी मार से विह्वल होकर प्रवेश की अनुमति देना  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  5.3.47 
यदा त्वां वानर: कश्चिद् विक्रमाद् वशमानयेत्।
तदा त्वया हि विज्ञेयं रक्षसां भयमागतम्॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने कहा, 'जब कोई वानर अपने पराक्रम से तुम्हें वश में कर ले, तब तुम्हें समझना चाहिए कि राक्षसों पर बड़ा भय छा गया है।'
 
He said, 'When a monkey subdues you by his prowess, then you should understand that a great fear has descended upon the demons. 47.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)