Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.3.44: महाबाहो! प्रसन्न हो जाओ। हे श्रेष्ठ! मेरी रक्षा करो। हे सज्जन! अत्यन्त शक्तिशाली, गुणवान, सदाचारी पुरुष शास्त्र की मर्यादा पर अडिग रहता है (शास्त्रों में स्त्री को अनुल्लंघनीय बताया गया है, अतः मेरे प्राण न लो)। | ramayan सर्ग 5.3: लंकापुरी का अवलोकन करके हनुमान् जी का विस्मित होना, निशाचरी लंका का उन्हें रोकना और उनकी मार से विह्वल होकर प्रवेश की अनुमति देना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाबाहो! प्रसन्न हो जाओ। हे श्रेष्ठ! मेरी रक्षा करो। हे सज्जन! अत्यन्त शक्तिशाली, गुणवान, सदाचारी पुरुष शास्त्र की मर्यादा पर अडिग रहता है (शास्त्रों में स्त्री को अनुल्लंघनीय बताया गया है, अतः मेरे प्राण न लो)।
Mahabaho! Be happy. The best! Please protect me. Gentle! A very powerful, virtuous, virtuous man remains firm on the limits of the scriptures (in the scriptures, woman has been described as inviolable, hence do not take my life).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥