मैं अपने प्रियतम भगवान् रामजी से विमुख हो गया हूँ और पापी रावण के चंगुल में पड़ गया हूँ; अतः अब मैं इस जीवन का त्याग करूँगा॥ 49॥
I have been separated from my beloved, the enlightened Lord Rama, and have fallen into the clutches of the sinful Ravana; therefore, I shall now give up this life.'॥ 49॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये सुन्दरकाण्डे षड्विंश: सर्ग:॥ २६॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके सुन्दरकाण्डमें छब्बीसवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ २६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥